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सुदेश दिव्य

युवा कवि  सुदेश यादव “जख्मी ” का जन्म क्रन्तिकारी धरा मेरठ, के मिलिट्री फार्म न -२ मवाना रोड मेरठ में १ सितम्बर को हुआ था | आपके माता- पिता का नाम श्रीमती शांति देवी और श्री भगवान दास  यादव है | माध्यम किन्तु धर्म निष्ठ परिवार में जन्म लेने के कारन सरलता आपको विरासत में प्राप्त हुई  | आपने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद आपने पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और फिर आपने कानपूर से डिप्लोमा इन स्कूट्रेट  व इलाहबाद से ही आयुर्वेद रत्न किया | आप बचपन से ही मनमौजी स्वाभाव के है | आप सबसे पहले प्रादेशिक कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन से आपरेटर के पद पर कार्यरत रहे | दो वर्ष बाद आप झाँसी  में प्रोवेंशियल  आर्म्ड कांस्टेबुलरी में आरक्षी के पद के लिए भर्ती हो गए और १० वर्ष फ़ोर्स की नौकरी करने के बाद आप एलएमएल कम्पनी के शोरूम में मैनेजर के पद पर कार्य करने लगे किन्तु यहाँ मन नहीं लगाने के कारण दो वर्ष बाद ही नौकरी छोड़कर दैनिक जागरण प्रेस में कार्य करने लगे | अपने मनमौजी स्वाभाव के कारण आपने वर्ष २०१४ में यहाँ से भी त्याग पत्र दे दिया और नजीबाबाद के दैनिक समाचार पत्र में जनरल मैनेजर के पद पर कार्य करने लगे | १ वर्ष बाद आपने इस नौकरी से भी त्याग पत्र दे दिया | आपने सितम्बर २००८ में अपना साप्ताहिक अख़बार ‘बेजोड़ ‘ नाम से शुरू किया व २००८ में ही ‘बेजोड़’ नाम से अपने मासिक पत्रिका की शुरुआत की जो मेरठ से प्रकाशित होने वाली आज भी सर्वाधिक लोकप्रिय पत्रिका हैं | वर्ष २०१४ में एक पारिवारिक पत्रिका हिंदी / अंग्रेजी ‘सोशल संवाद ‘ का प्रकाशन शुरू किया जो आज भी पूरे  एनजीआर  की लोकप्रिय पारिवारिक पारिवारिक पत्रिका हैं | आपने २०१४ में शहर का दूसरा ऑनलाइन न्यूज चैनल ‘बेजोड़ न्यूज’ के नाम से शुरू किया |   आप मेरठ की एकमात्र सर्वाधिक लोकप्रिय धार्मिक मासिक पत्रिका ‘श्रीराम सन्देश’ के मुख्या संपादक भी हैं | आपके द्वारा लिखित ‘ योग भगाए रोग ‘ पुस्तक बाजार में उपलब्ध हैं, इसके अलावा प्रकाशन के लिए जा चुकी पुस्तकों में ‘मधुमेय कारण और निवारण ‘, ‘आयुर्वेद और आप ‘, गीत संग्रह में ‘साजन घर आ जाओ’ कुछ ही समय बाद बाजार में उपलब्ध होंगी | आपको भावना कला मंदिर दिल्ली द्वारा ‘राजधानी  अवार्ड ‘ ग़ालिब अकादमी दिल्ली द्वारा शकील बदायूंनी अवार्ड के अलावा  तानसेन वेलफेयर सोसाइटी द्वारा मधुर स्वर के लिए मौहम्मद रफ़ी अवार्ड के अलावा अनेक सम्मानों से आपको नवाजा गया हैं | अदभुत प्रतिभा के धनि सुदेश यादव ‘जख्मी ‘ श्रृंगार  के गीतों पर अपने मधुर कण्ठ  से श्रोताओं  को झूमने पर मजबूर कर वातावरण में रोमांस भर देते हैं | स्थानीय चैनल के दअलावा दिल्ली-हरियाणा  का लोकप्रिय चैनल जनता टी.वी. पर भी ‘कवियों की चौपाल ‘ कार्यक्रम में आपके गीत प्रसारित  | दूरदर्शन पर भी आप कार्यक्रम में शामिल रहे हैं व दूरदर्शन पर किसानों  रहे सीरियल में आपने किसानों के लिए कविता पाठ  किया हैं | सी.आई.आर.सी. की सुरभि में आपकी अनेक कविताये हैं |